पाइलोडॉक रस के फायदे - Pilodoc Ras uses In Hindi
पाइलोडॉक रस के फायदे
पाइलोडॉक रस का उपयोग बवासीर के उपचार के लिए किया जाता है , Pilodoc Ras AWPL कंपनी द्वारा निर्मित एक बेहतरीन आयुर्वेदिक उत्पाद है और Pilodoc Ras बवासीर के मरीज के लिए एक वरदान से कम नही है | किसी भी तरह के Pills problem के मरीज इस प्रोडक्ट Pilodoc Ras का उपयोग कर सकते है |
पाइलोडॉक रस का ही उपयोग बवासीर के उपचार में क्यों किया जाये ?
बवासीर के उपचार के लिए आज बाजार में अनेक प्रकार कि अंग्रेजी दवाईया उपलब्ध है जो कि ज्यादा खर्चीली है और उनका दुष्परिणाम भी ज्यादा देखने में आया है | बवासीर के मरीज को उठने बैठने के समय या टॉयलेट जाते समय असहनीय दर्द का सामना करना पडता है जिसको यह दर्द होता वही इसे समझ सकता है और इस दर्द से तुरंत निजात पाने के लिए दर्द निवारक और अन्य कई दवाईयों का सेवन कर लेता है जिसका असर यह होता है कि तुरंत दर्द तो कम हो जाता है परन्तु बीमारी कभी ख़तम नही होती बल्कि ज्यादा बढ़ जाती है जिससे खर्चा भी ज्यादा होता है और तखलीफ़ भी बढ़ने लगती है | पाइलोडॉक रस एक आयुर्वेदिक औषधि इसके नियमित सेवन से बवासिर को पूर्ण रूप से ख़त्म किया जा सकता है और इसका शरीर पर कोई दुष्परिनाम भी नहीं होता है इसका असर भी तीव्र गति से होता है |
बवासीर कैसे होती है
कब्ज के कारण पेट साफ नहीं होता है और मल त्याग में जोर लगाना पड़ता है जिसकी वजह से पाइल्स की समस्या हो जाती है। - जो लोग ज़्यादा देर तक खड़े होकर काम करते हैं, उन्हें भी बवासीर की समस्या हो जाती है। - पाइल्स का एक कारण मोटापा भी है। - प्रेग्नेंसी के दौरान भी कई महिलाओं को पाइल्स की समस्या हो जाती हैबवासीर के लक्षण
1. मल त्याग के दौरान ब्लीडिंग होना।
2. गुदा से एक बलगम जैसा स्राव निकलना।
3. गुदा के पास एक दर्दनाक सूजन या गांठ महसूस होना।
4. गुदा क्षेत्र में खुजली, जो लगातार या रुक रुक कर हो सकती है।
2. गुदा से एक बलगम जैसा स्राव निकलना।
3. गुदा के पास एक दर्दनाक सूजन या गांठ महसूस होना।
4. गुदा क्षेत्र में खुजली, जो लगातार या रुक रुक कर हो सकती है।
बवासीर कितने प्रकार की होती है ?
बवासीर प्रकार के बारे देखा जाये तो मुख्यतः दो प्रकार कि होती है | पाइल्स या बवासीर भी इन्हीं में से एक है ये बीमारी एक बार ठीक होने के बाद दोबारा फिर से हो जाती हैं। इस बवासीर से ग्रस्त मरीजों को अपने खान पर बहुत अधिक ध्यान देना चाहिए ।- खूनी बवासीर
- बादी वाली बवासीर
बवासीर में कौन सी परहेज करना चाहिए ( बवासीर में क्या नही खाना चाहिए )
- मिर्च का सेवन ना करें बवासीर की समस्या होने पर लाल या हरी मिर्चा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। मिर्च खाने से बवासीर के जख्म एक बार फिर सक्रिय हो जाते हैं।
- मिर्च के साथ ही मे गर्म मसाला,और चटपटा,तथा तीखा खाना नहीं खाना चाहिए।
- सुपारी पान, गुटखा,मसाला,शराब, सिगरेट पीने से भी बवासीर की समस्या ज्यादा बढ़ जाती है जो लोग बवासीर से परेशान है उनको नशे से दूर रहना चाहिए।
- फास्ट फूड इस्तेमाल से बचें हो सके तो ना खाये
- बवासीर होने पर बाहर का खाना खाने से परहेज करना चाहिए
बवासीर मरीज को क्या खाना चाहिए
- फलो का सेवन करना चाहिए और चुकन्दर, टमाटर को अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं |
- हरी सब्जियों का सेवन करे |
- पालक तथा पत्ता गोभी और शतावरी, ब्रोकली फूल गोभी, प्याज, खीरा और गाजर आदि को अपने आहार को जरूर शामिल करें |
- अधिक से अधिक मात्रा में पानी कम से कम रोजाना 4 से 5 लीटर पानी पीना चाहिए
- छाछ और दही खाने से हमारे पाचन क्रिया को सही रहता है
पाइलोडॉक रस का उपयोग करने का तरीका
पाइलोडॉक रस का उपयोग दिन में दो बार 20 ml - 20 ML लेना चाहिए ।
पाइलोडॉक रस कि किमत
Pilodoc Ras कि किमत 1800/- है आप इसे अभी अमेज़न से खरीद सकते है लिंक निचे दी गयी है |
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